/ Feb 04, 2026

NE

News Elementor

आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री धामी ने फ्लैग ऑफ किया

Table of Content

 

आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री धामी ने फ्लैग ऑफ किया

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला में ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शीतलहर, बाढ़, मॉक अभ्यास, हवाई यातायात सहायता की एस.ओ.पी., आपदा प्रबंधन विभाग के नववर्ष कैलेंडर 2026 एवं आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा आपदा मित्रों एवं वर्ष 2025 में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री ने फ्लैग ऑफ किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि समस्त प्रशासन, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम जनता की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को एक प्रमुख एजेंडा बनाया गया है। उत्तराखंड सरकार भी उन्हीं के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेंसर लगाने, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम एवं आधुनिक रैपिड रिस्पॉन्स टीमों के गठन जैसे कदमों से आपदा जोखिम को घटाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में हिमस्खलन (एवलांच) एक गंभीर प्राकृतिक जोखिम है। राज्य के कई क्षेत्र हिमस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन, तीर्थाटन एवं पर्वतारोहण गतिविधियों को सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, प्रशिक्षित रेस्क्यू बलों की तैनाती तथा सुरक्षित पर्यटन प्रोटोकॉल को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शीतलहर और अत्यधिक हिमपात से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए भी राज्य में कई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए गए हैं। सभी जिलों को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है और अलाव, रैन बसेरों तथा कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखें और अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए शीतलहर तथा हिमपात वाले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें। शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया, जुकाम, फ्लू, निमोनिया जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय रखना होगा। विशेष रूप से सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, हीटिंग उपकरणों एवं प्राथमिक उपचार सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘युवा आपदा मित्र’ एवं ‘आपदा सखी’ जैसी पहल को और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के माध्यम से शीत ऋतु के दौरान होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा तथा विभागों के मध्य समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शीतलहर धीरे-धीरे अपना प्रभाव दिखाती है, परंतु इसका असर भयावह होता है। यह आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से संवेदनशील लोगों के जनजीवन को प्रभावित करती है। शीतलहर प्रबंधन को हमें केवल मौसमी प्रबंधन की चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में आपदा प्रबंधन को सशक्त, संगठित और नीति-आधारित स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री राजेन्द्र सिंह, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री विनय रोहिला, सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन, श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

admin

admin@apnapahadapnarojgar.com https://apnapahadapnarojgar.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

ऋण के बोझ और आर्थिक तंगी से जूझ रही शांति राणा को डीएम सविन बंसल के निर्देश पर मिला प्रशासनिक संबल।

  ऋण के बोझ और आर्थिक तंगी से जूझ रही शांति राणा को डीएम सविन बंसल के निर्देश पर मिला प्रशासनिक संबल। पति की आकस्मिक मृत्यु के उपरांत जीवन की कठिन परिस्थितियों, आर्थिक तंगी, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी तथा सिर पर ऋण के बोझ से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने...

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के “समोहम सर्वभूतेषु” उपदेश में सनातन संस्कृति की समानता, न्याय और मानवता की महान भावना निहित है

  मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के “समोहम सर्वभूतेषु” उपदेश में सनातन संस्कृति की समानता, न्याय और मानवता की महान भावना निहित है   मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक...

देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।   गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट...

मुख्यमंत्री धामी ने सख्त धर्मांतरण रोधी कानून पर बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जबरन, प्रलोभन या षड्यंत्र के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा

  मुख्यमंत्री धामी ने सख्त धर्मांतरण रोधी कानून पर बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जबरन, प्रलोभन या षड्यंत्र के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “जागरण...

शीत लहर से राहत को लेकर रुद्रपुर नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है : महापौर विकास शर्मा

  शीत लहर से राहत को लेकर रुद्रपुर नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है : महापौर विकास शर्मा   रुद्रपुर । हाड़ कपा देने वाली शीत लहर और घने कोहरे के बीच शासन-प्रशासन की मुस्तैदी परखने के लिए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष (दर्जा मंत्री) विनय रूहेला गुरुवार...

अपना पहाड़ अपना रोज़गार हिन्दी न्यूज पोर्टल में नकारात्मक एवं सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित किया जाता है। आप भी हमसे जुड़ सकते हैं और अपने मुद्दों को, समाचारों को और अपनी लेखनी को प्रकाशित करवा सकते हैं।

Must Read

©2023- All Right Reserved. Designed and Developed by :